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Vasant Panchami: विद्या की देवी मां सरस्वती

Posted On: 4 Feb, 2014 ज्योतिष में

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शास्त्रों में लिखा है कि विद्या की देवी मां सरस्वती हैं. उनके ही आशिर्वाद से हम सभी शब्द, स्वर और संकेतों को समझने में निपुण है. उनके बिना यह संसार शुन्य होता. मां सरस्वती को ब्रहमा जी ने प्रकट किया था. श्वेत वर्ण के वस्त्रधारी, हाथों में वीणा लिए और कमल के आसन पर बैठी मां सरस्वती ज्ञान और विद्या को देने वाली हैं. आइयें हम सभी मिलकर सरस्वती मां की अर्चना करें ताकि उनकी कृपा हम सभी पर बराबर बरकरार रहें.


Goddess-Saraswati-Maa-हे शारदे मां, हे शारदे मां अज्ञानता से हमें तार दे मां


तु स्वर की देवी है संगीत तुझसे, हर शब्द तेरा है हर गीत तुझसे,
हम है अकेले, हम है अधुरे, तेरी शरण हम,हमे प्यार दे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां अज्ञानता से हमें तार दे मां

भगवान विश्वकर्मा और उनका जीवन


मुनीओं ने समझी, गुणीओं ने जानी, वेदों की भाषा, पुराणों की बानी,
हम भी तो समझें, हम भी तो जानें,विद्या का हमको अधिकार दे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां अज्ञानता से हमें तार दे मां


तु श्वेतवरणी, कमल पे बिराजे, हाथों में वीणा, मुकुट सर पे साजे,
मन से हमारे मिटा दे अंधेरे,हमको उजालों का सॆसार दे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां अज्ञानता से हमें तार दे मां


पीपल के पेड़ के नीचे दीपावली रात…..

कैसे हुआ रावण का सर्वनाश


Web Title : vasant panchami



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